Bhindi Ki Kheti Hindi mein

भिन्डी की खेती 

भिन्डी ग्रीष्मकालीन एवं वर्षाकालीन दोनों मौसमों में उगाए जाने वाला सब्जी है विश्व में सबसे ज्यादा भिन्डी की खेती भारत में किया जाता है हरी सब्जियों में भिंडी सबसे महत्वपूर्ण सब्जी है इसमे कई प्रकार के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं भिंडी की अगेती खेती करके अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है भिन्डी की खेती अधिक पैदावार के लिए तथा रोगों से बचने के लिए संकर प्रजाति के बीज की बुआई करनी चाहिए !
Bhindi Ki Kheti Hindi mein
Bhindi Ki Kheti Hindi mein 

जलवायु

भिन्डी की खेती के लिए सभी प्रकार की मिटटी जिसका pह मान 7 से 8.5 हो बहुत अच्छा होता है ! भिन्डी में अंकुरण के लिए 25 से 40 डिग्री अच्छा होता है 

उन्नतशील किस्मे

हिसार नवीन,पंजाब 7,पूसा ए 4,पूसा सावनी,परभनी क्रांति, वर्षा उपहार, बहुत सी भिन्डी की किस्में होती हैं लेकिन अपनी जलवायु और मौसम के आधार पर अपने क्षेत्र में चुने गए बीजों की बुवाई करनी चाहिए !

 खेत की तैयारी खाद एवं उर्वरक तथा बुआई का समय


भिंडी की बुवाई करने से पहले खेत में 20 से 25 टन गोबर की सड़ी हुई खाद100 किलोग्राम यूरिया, 80 किलोग्राम पोटाश ,80 किलोग्राम फास्फोरस तथा यूरिया की आधी मात्रा खेत में डालने के बाद 2से 3 जुताई करने के साथ-साथ पाटा लगा लेना चाहिए जिससे मिट्टी भुरभुरी हो जाए पूरी तरह खेत तैयार होने के बाद अपनी आवश्यकता अनुसार छोटी-छोटी क्यारियां बना लेना चाहिए जिससे सिंचाई करने में और बरसात के मौसम में पानी निकालने में आसानी हो ग्रीष्म ऋतु की फसल की बुवाई फरवरी और मार्च के महीने में करते है तथा बरसात में लगाई जाने वाली फसल मई जून के महीने में बुवाई की जाती है ! यूरिया की शेष बची हुई मात्रा को दो बार में बुआई के 30 दिन बाद तथा 45 दिन बाद करना चाहिए !

बीजोपचार तथा बुआई की विधि

बीज की बुआई करने से पहले बीजों का उपचार करना बहुत जरूरी होता है बुआई से पहले 2 ग्राम बाविस्टीन 1 किलो बीज में मिलाकर बीजों का उपचार कर लेना चाहिएभिन्डी के बीजों की बुआई सीधे खेत में की जाती है इसकी नर्सरी नहीं डाला जाता है बरसात में बोई जाने वाली भिन्डी मेड बनाकर करनी चाहिए तथा ग्रीष्मकाल में बोई जाने वाली भिन्डी कतारों में बोलना चाहिए बीजों की अच्छी जर्मिनेशन के लिए बीज को लगभग 12 घंटे तक पानी में भिगो लेना चाहिए और उसके बाद बीज को छाया में सुखाना चाहिए !

सिंचाई


बरसात के मौसम में मौसम के हिसाब से सिंचाई करनी चाहिए तथा गर्मियों के मौसम में 5 से 8 दिन के अंदर करना चाहिए !
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