Life of the farmer running the country

देश चलाने वाले किसान का जीवन
देश चलाने वाले किसान का जीवन
देश चलाने वाले किसान का जीवन

नमस्कार दोस्तों आप सब लोग तो जानते ही होंगे कि हमारा देश 2 लोगों के कंधे से होकर गुजरता है जय जवान और जय किसान लेकिन क्या आप लोग ये भी जानते है की एक किसान अपना परिवार चलाने के लिए कितना परिश्रम करता है आज हम बात करने वाले हैं कि एक किसान हमारे देश को चलने के लिए क्या - क्या नहीं करता है वह हर तरह की दुख तकलीफ को सहते हुए बस ये सोचकर की हमारे परिवार की कोई भी किसी प्रकार की दिक्कत ना हो ,उनके परिवार का ठीक से पालन पोषण हो सके तथा आने वाला कल उनके परिवार के लिए खुशहाल हो यही सोचकर एक किसान अपनी पूरी जिंदगी खेती करने में लगा देती है |

किसान की सोच

सभी लोगों की तरह किसान भी एक इंसान होते हैं वो भी सभी लोगों की तरह लंबी-लंबी ख्वाब सोचते हैं लेकिन उनका पूरा जीवन सोचने में ही चला जाता है और वह कुछ नहीं कर पाता वह अपने बच्चे को ठीक से शिक्षा भी नहीं दे पाते हर इंसान यह सोचता है कि उसका परिवार अच्छे अच्छे कपड़े पहने तथा उसके घर की महिलाएं अच्छे से जीवन यापन करें लेकिन एक किसान अपने साथ-साथ अपनी बीवी को भी यह सोचकर काम करवाता है कि यह फसल लगाते है इसमें जरूर मुनाफा होगा लेकिन जब फसल काटने की बारी आती है तो आंधी तूफान या पानी न बरसने की वजह से फसल बर्बाद हो जाती है और किसान अगले फसल पर उम्मीद लगाए रहता है इसी तरह उसका उसके परिवार का पूरा जीवन चलता रहता है |

ऐसी होती है किसानों की हालत


किसान खेती करने के लिए अपना पूरा मेहनत लगा देता है कि अच्छे से रह सके लेकिन वह अपने बच्चों को ठीक से कपड़े नहीं पहना सकता हर इंसान यह सोचता है कि उसकी पत्नी अच्छे-अच्छे कपड़े गहने पहने लेकिन एक किसान अपनी पत्नी को गहने पहनने का सुख नहीं दे सकता है एक किसान की पत्नी खेती के अलावा घर में काफी सारा काम करती है किसान की पत्नी अपने पति का हर काम में पूरा सहयोग देती है किसान अपने परिवार के अच्छे लिए पूरा जिंदगी गँवा देता है एक किसान अन्न तथा सब्जियां दोनों उगता है लेकिन उन्ही ही सब्जियों और अनाजों को किसान ठीक से नहीं खा पाता है |

सर्दियों के मौसम में जब पूरा देश रात में आराम से सो रहा होता है तो किसान अपने परिवार को सुख देने के लिए पूरी रात गेंहूं की सिंचाई करता है लेकिन जब फसल काटने की बारी आती है तो बारिश या तूफान उनकी उम्मीद पर देता है इसी तरह किसान एक बार बूढ़ाहो जाता है और उसके पूरा बोझ उसके बच्चों पर आ जाता है एक किसान के जीवन में यह क्रिया चलता रहता है |


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