बदल रहा शादी करने का रीती -रिवाज

बदल रहा शादी करने का रीती -रिवाज जी हाँ दोस्तों धीरे-धीरे हमारे भारत में शादी करने का रीती-रिवाज बदलता जा रहा है और बदलना भी बहुत जरुरी है प्रत्येक वर्ष ये देखने को मिल रहा है की स्टेज पर शादियां ज्यादा हो रही है और ये शिलशिला बढ़ता जा रहा है | 


पुरानी शादियों का रिवाज

बदल रहा शादी करने का रीती -रिवाज
बदल रहा शादी करने का रीती -रिवाज

हमारे पूर्वजों के ज़माने में शादियां मड़वा में किया जाता था आज भी किया जाता है लेकिन उसके पहले स्टेज पर शादी किया जाता है जो की बहुत ही अच्छा होता है पुराणी रिवाज रिवाज में शादी के दौरान लड़की के पिता उनके दादा और सभी बड़े लोग लड़की के और लड़की के पति दोनों के पैर धोकर कन्या दान करते थे जो की बहुत ही गलत होता था और उसके बाद सुबह में लड़की का अहोरा-बहोरा होता था जिसका अर्थ ये होता है की अहोरा एक बिगड़ा हुआ शब्द है यानि की अहोरात्रि - अहोरा के दौरान लड़की एक बार अपने मायके के शरहद से वापस आती है तब उसके बाद लड़की का बिदाई होता है जोड़े बहोरात्रि कहते है | 


इस तरह आज एक एक लड़की का दो बार शादी होता है क्योकि आज  बहुत सी शादियां ऐसी होती है की पहले स्टेज और उसके बाद मड़वा में शादी किया जाता है जो की बहोत ही गलत होता है पुराने ज़माने में शादी में लड़के और लड़की को शादी के दौरान पत्तल पर बैठाया जाता था और आज भी बैठाया जाता है जो की बहुत ही गतत होता है  आज के दिन हर कोई पढ़ा-लिखा होता है और पढ़े-लिखे लोगों को ये सब शोभा नहीं देता है ऐसा आज के लोगों का कहना है |

स्टेज का शादी

स्टेज पर शादी के दौरान वर और वधु से एक शपथ पत्र पढ़वाया जाता है और उसके बाद थपथ पत्र पर साइन करवाया जाता है जो की दोनों पक्षों के लिए एक प्रमाण होता है और उसके बाद लड़की और लड़के एक दूसरे को माला पहनाते है उसके बाद लड़का-लड़की के मांग में सिंदूर डालता है उसके बाद वर और वधु दोनों पक्षों के लोग  वर और वधु को आशीर्वाद देते है जो की बहुत ही अच्छा होता है | 

शादी दिन का करना चाहिए या रात का

यदि शादी दिन में किया जाय तो बहुत ही अच्छा होता है और लोग कर भी रहे है लेकि आज के दिन सबसे ज्यादा शादियां रात में किया जाता है क्योकि आज का दिन फैशन का हो गया है खासतौर पर रात में शादियां रंगरलियां मानाने के लिए किया जाता है इसलिए की हमारे शादी में DJ बजना चाहिए,पटाखा छूटना चाहिए ऐसी बहुत सी रंगारंग कार्यक्रम है जिनकी वजह से शादियां रात में किया जाता है और ये सब पैसे की वजह से होता है और जाहिर सी बात है की पैसा भी तो खत्म होना चाहिए | 

शादी करने का रीती -रिवाज
बदल रहा शादी करने का रीती -रिवाज

लेकिन वाल्मीकि के किताब में देखा जाय तो भगवन श्रीराम जी का विवाह दिन में हुआ था | 


मांग में सिंदूर डालना सही या गलत

यदि आज देखा जाय तो हमारे भारत में सबसे पढ़े-लिखे लोग केरल में रहते हैं आज भी वहां के लोग शादी के दौरान केवल एक दूसरे को माला पहनाते है और देखा जाय तो वहां आपको जितने भी शादी-शुदा महिलाएं महिलाएं मिलेंगी उनके मांग में आपको सिंदूर देखने को नहीं मिलेंगी | 

कैसे शुरू हुआ मांग में सिंदूर लगाने का कार्यक्रम

बहुत पहले हमारे देश में मुसलमानो का हुकूमत चला करता था उस समय मुसलमान लोग हमारे हिन्दू धर्म के कुंवांरी बेटियों को उठा ले जाया करते थे और उसका रेप कर देते थे इन समस्याओं से बचने के लिए हमारे पूर्वजों ने हिन्दू धर्म में शादी के दौरान लड़कियों के मांग में सिंदूर लगाने का कार्य करने लगे तब से ये सिलसिला चलता आ रहा है मांग में सिन्दूर लगाने से मुसलमान ये जान जाते थे की उस लड़की की शादी हो गई है और इससे लड़कियों के अपहरण का सिलसिला बहुत काम हो गया | 
Previous
Next Post »