dengue symptoms | dengue fever symptoms and dengue virus

Dengue Symptoms - If you want to search for Symptoms of Dengue then this is the right place To find out Dengue Test here you can also learn Dengue Virus.

डेंगू के लक्षण - अगर आप dengue symptoms के बारे में जानना चाहतें हैं तो आप इसके बारे में आप यहाँ से जान सकते है तथा इसके साथ-साथ आप यहां पर Dengue Test के बारे में भी जान सकते हैं तथा अलावा आपको dengue virus के बारे  जानकारी मिलेगी।

Dengue Symptoms


डेंगू बुखार उस समय होता है जब कोई संक्रमित मादा मच्छर किसी को काटती है और यह बहुत ही खतरनाक वायरस रोग है अब यह संक्रमित रोग तेजी से बढ़ने का कारण यह है की अब यह संक्रमित रोग और भी तरह से उभर रहे है। 

dengue symptoms
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डेंगू बुखार इतना भयानक संक्रमण रोग हो गया है की यदि डेंगू बुखार का इलाज जल्दी और ठीक से न किया जाय तो डेंगू बुखार से ग्रसित रोगी की मृत्यु भी हो सकती है। 

  1. डेंगू बुखार से ग्रसित रोगी को अचानक तेज बुखार हो जाता है तथा उस समय के शरीर का तापमान 102°F से 105°F तक होता है जो की बहुत ही ख़तरनाक है। 
  2. शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है और बहुत तेज दर्द के साथ चक्कर भी आते हैं। 
  3. सिर में बहुत अधिक दर्द के साथ दस्त होने शुरू हो जाते हैं तथा उल्टी भी होती है और भूख भी नहीं लगती है।
  4. रोगी किसी तरह खाना तो खा लेता है लेकिन उसको खाना पचाने में बहुत दिक्क्तें होती है। 
  5. कभी-कभी तो जब यह संक्रमित रोग जकड लेता है तो रोगी के नाक से खून भी आना शुरू हो जाता है और शरीर पर लाल-लाल दाने या चकत्तेनुमा दिखाई देते हैं। 
  6. भूख न लगने की स्थिति में खाना न खाने से रोगी का ब्लडप्रेशर कम हो जाता है। 
  7. जब रोगी के पुरे शरीर में दर्द होता है तो उस स्थिति में शरीर के जोड़ों में भी दर्द होना शुरू हो जाता है। 
  8. यदि उपर्युक्त समस्या किसी भी रोगी को उत्पन्न हो और वह इन समस्याओं से परेशांन हो तब उस स्थिति में रोगी का ब्लड जांच करवाना चाहिए जिससे अच्छी इलाज हो सके। 
Dengue Test

किसी भी रोगी को ऊपर बताये गए किसी भी प्रकार का रोग उत्पन्न हो तो रोगी को डेंगू टेस्ट (Dengue Test) करवाना बहुत ही जरुरी हो जाता है Dengue Test कराने से रोग का ठीक से पता चलता है और अच्छी तरह से इलाज हो पाता है जिससे रोगो जल्दी ठीक हो जाता है। 


Dengue Test
Dengue Test 

  1. यदि डेंगू के लक्षण दिखाई दे तब उस इस्थिति में अच्छी और बेहतर टेस्ट पाने के लिए रोगी का एनएस 1 टेस्ट करवाना चाहिए यह एक ऐसा टेस्ट है जिससे बहुत ही अच्छा रिजल्ट मिलता है लेकिन इस बात का ध्यान रहे की यह टेस्ट पांच दिन के पहले होने चाहिए। 
  2. कभी-कभी बहुत से लोग डेंगू का शंका होने पर खून की भी जाँच करवाते है और कभी जल्दी ठीक भी हो जाती है लेकिन कभी गलत रिजल्ट भी मिलते हैं तब इस इस्थिति  फिर से इलाज किये जाते हैं। 
  3. एलाइजा टेस्ट यह एक ऎसी टेस्ट है सिसमेँ डेंगू का 100% बेहतरीन रिसल्ट देता है इसमें रिजल्ट थोड़ा देर से लेकिन बहुत ही अच्छा टेस्ट होता है इसके रिपोर्ट से डाक्टर भी अच्छी तरह से इलाज कर पाते हैं। 
Dengue Virus


एडीज मच्छरों के काटने से डेंगू बुखार होता है खतरनाक संक्रमण रोग है बचने का सबसे आसान बात ये है की आप साफ़-सफाई से खाएं-पिए और सोएं खासकरके गर्मियों और बारिश के मौसमों में मच्छर अधिक फैलते है इसलिए आपको इन दोनों मौसमों में ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। 


Dengue Virus
Dengue Virus


डेंगू वाइरस के मुख्यतः 4 प्रकार के अलग-अलग सेरोटाइप होते हैं। 


  1. DENV - 1
  2. DENV - 2 
  3. DENV - 3 
  4. DENV - 4 
डेंगू वायरस सेरोटाइप वायरस का एक समूह होता है इन चारो मे से पहला संक्रमण ज्यादातर छोटी बीमारी का कारण बनता है DENV एक लिपिड झिल्ली से ढका हुआ वायरस होता है। 


इन चरो में से DENV-2  और DENV-4 कम खतरनाक होते जबकि DENV -1 और DENV -3 उनसे ज्यादा ख़तरनाक होते हैं डेंगू वायरस किसी भी प्रकार का हो लेकिन हीमोरहैगिक बुखार का खतरा सभी तरह के डेंगू वायरस के प्रजाति में होती है। 

Dengue Prevention Methods

Dengue Prevention  Methods
Dengue Prevention  Methods

  1. डेंगू की बीमारी से बचने के लिए सबसे जरुरी बात ये है की गर्मियों और बरसात के मौसम में मच्छर तेजी से फैलते हैं उस समय सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए तथा इनके काटने से बचना चाहिए। 
  2. घर के साथ-साथ घर के आस-पास भी साफ-सफाई रखें क्योंकि कचरे में भी मच्छरों की जनसँख्या बढ़ती है। 
  3. अपने आस पास पानी जमा न होने दें। 
  4. मच्छर काटने का प्रकोप सबसे अधिक सुबह और शाम को होता है इसलिए सुबह या शाम के समय इनसे बचाना चाहिए। 
  5. अपने घर की छतों पर फालतू की डब्बों में बारिश का पानी न जमा होने दें। 
  6. रत को पानी को धक् कर रखें क्योंकि साफ़ पानी में इनका प्रकोप अधिक होता है। 
  7. फ्रिज में पीछे रखे पांणी को जल्दी-जल्दी बदलते रहना चाहिए। 
  8. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। 






















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