Durga Devi | Durga Temple

Durga Devi - हेलो दोस्तों आज हम आपको आदि शक्ति माँ दुर्गा के बारे में बताने जा रहे हैं और यह बताएँगे की उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में Durga Devi का एक मंदिर है जहां दर्शन करने से सभी प्रकार के दुख दूर हो जाते हैं ।

आदि शक्ति माँ दुर्गा की पूजा हिन्दू धर्म के लोग बड़ी लगन के साथ करते हैं हिन्दू धर्म में माता रानी का सभी देवियों में सबसे उच्च स्थान माना जाता है हमारे देश में माता दुर्गा बहुत मंदिर है ।

Durga Temple
Durga Temple

आदि शक्ति माँ दुर्गा के नौ रूप



आदि शक्ति माँ दुर्गा को 9 नामों से जाना जाता है वर्ष में 2 बार माँ दुर्गा की पुजा 9 दिन के लिए आता है जिसे बहुत ही धूम-धाम तथा लगन से मनाया जाता है इस 9  दिन को भारतीय लोग नवरात्रि के नाम से जानते हैं ।

आदि शक्ति माँ दुर्गा के 9 नाम इस प्रकार हैं -
  1. शैलपुत्री
  2. महागौरी
  3. सिद्धिदात्री
  4. कूष्माण्डा
  5. स्कंदमाता
  6. कालरात्रि
  7. चन्द्रघंटा
  8. कात्यायनी
  9. ब्रह्मचारिणी

आदि शक्ति माँ Durga Temple जौनपुर

Durga Temple जौनपुर
आदि शक्ति माँ Durga Temple जौनपुर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में आदि शक्ति माँ दुर्गा का बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है इस मंदिर की स्थापना श्री कैलाश नाथ पटेल पत्नी श्रीमती कलवाली देवी के कर कमलों द्वारा 9 मार्च सन 2001 ईस्वी में किया गया था ।

यह मंदिर वाराणसी जिले में स्थित बाबतपुर एयरपोर्ट से लगभग 25 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा की ओर जौनपुर जिले के कथवतिया नदी के पास हरिहरपुर गाँव में स्थित है ।

आदि शक्ति माँ दुर्गा के इस पावन मंदिर में दर्शन करने से सभी तरह के दुख तथा परेशानियाँ दूर हो जाती हैं इस मंदिर में नवरात्रि के नौमी के दिन बहुत बड़ी हवन किया जाता है इयसके अलावा यहाँ के सभी भक्त लोग माँ दुर्गा को 5 मीटर लंबी झण्डा का चढ़ावा देते हैं ।

आदि शक्ति माँ श्री दुर्गा मन्त्र

Durga Devi
Durga Devi 

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥


ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्ज्वल प्रज्ज्वल । ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट्‍ स्वाहा ॥
  • नमस्ते रुद्ररूपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनी । नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनी ॥
  • नमस्ते शुम्भहन्त्रयै च निशुम्भासुरघातिनी । जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे ॥
  • ऐंकारी सृष्टिरुपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका । क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते ॥
  • चामुण्डा चण्डघाती च यैकारी वरदायिनी । विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मन्त्ररूपिणी ॥
  •  धां धीं धूं धूर्जटेः पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी । क्रां क्रीं क्रूं कालिकादेवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु ॥
यह मंत्र जाप करने से धन की प्राप्ति होती है -

धन की प्राप्ति
धन की प्राप्ति

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:, स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या , सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽ‌र्द्रचित्ता॥

यह मंत्र जाप करने से सभी तरह के पापों का नाश हो जाता है - 

हिनस्ति दैत्यतेजांसि स्वनेनापूर्य या जगत्। सा घण्टा पातु नो देवि पापेभ्योऽन: सुतानिव॥
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